जल का महत्व :
जल हमारे जीवन और प्रकृति के लिए बहुत जरुरी है, इसके बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। हम लोग बिना कुछ खाए पिए कई दिनों तक रह सकते हैं पर बिना जल के १-२ दिन से ज्यादा जीविन नहीं रह पाएंगे। मनुष्य में शरीर में जल की मात्र ७०% होती है, धरती का ७०.९% भाग जल से घिरा है, लेकिन ये जल खारा होने के कारण पीने के योग्य नहीं है। धरती पर उपलब्ध समस्त जल का १.७% हिस्सा भूमि में पाया जाता है जिसे भूमिगत जल कहते हैं और यही जल हम अपने दैनिक उपयोग में प्रयोग और बेकार करते हैं। दुनिया के 1.4 अरब लोगों को पीने का शुद्ध पानी नहीं मिलता
है।
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| प्यासे लोगों से ज्यादा कौन इसके महत्व को समझ सकता है ! |
पृथ्वी पर पैदा होने वाली सभी वनस्पतियां भी जलजन्य है। आलू
में और अनन्नास में 80 प्रतिशत और टमाटर में ९५% पानी है। पीने के लिए मानव को प्रतिदिन कम से कम पांच लीटर और पशुओं को 50 लीटर पानी चाहिए। जल का महत्व तो वही जान सकता है जिसको जल मिलने में बहुत कठिनाई होती है, ये उन लोगों को अच्छी तरह से पता है जो कई किलोमीटर चलकर बस कुछ लीटर ही जल अपने घर को ला पाते हैं। अतः हम कह सकते हैं की जल के बिना हमारा जीवन बेकार या अधूरा है ।

